
मेलाभारतीय · हिंदू
बाणेश्वर मेला
Baneshwar Mela
अगली तारीख़
शनिवार, 20 फ़रवरी 2027
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी08:00 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा16:07 तक
- मास
- माघ
- सूर्योदय
- 07:07सूर्यास्त 18:39
संक्षेप में
दक्षिण राजस्थान के भीलों का यह मेला दो नदियों के संगम के रेतीले टापू पर लगता है।
कथा
डूंगरपुर में सोम और माही नदी के संगम पर रेत का एक टापू है, और वहाँ बाणेश्वर महादेव का लिंग है। यह लिंग खंडित है, और 'बाण' यानी टुकड़ा, इसी से नाम पड़ा है। माघ पूर्णिमा तक के पाँच दिन राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के भील परिवार इस रेत पर डेरा डालते हैं। शिव मंदिर के पास ही विष्णु का मंदिर भी है, इसलिए यहाँ एक मेले में दो मेले साथ लगते हैं। जब से इस मेले के बारे में लिखा गया है, तब से यह ऐसे ही लगता आया है।
महत्व
यह राजस्थान का सबसे बड़ा आदिवासी मेला है। यहाँ धर्म, बाज़ार और तीन राज्यों में बँटे परिवारों का मिलन, तीनों एक ही मौक़े में घुल-मिल जाते हैं।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।