
त्योहारभारतीय · हिंदू
दुर्गा अष्टमी
Durga Ashtami · महा अष्टमी
अगली तारीख़
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल अष्टमी10:52 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढा15:38 तक
- मास
- आश्विन
- सूर्योदय
- 06:36सूर्यास्त 18:12
संक्षेप में
दुर्गा अष्टमी हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाने वाला त्योहार है, जिसकी तिथि और रीति-रिवाज़ क्षेत्र तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकते हैं।
कथा
दुर्गा अष्टमी, जिसे महा अष्टमी भी कहते हैं, शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के उन दिनों में से एक है, जब सबसे गहरी भक्ति से पूजा होती है। इस दिन माँ दुर्गा को उनके प्रचंड रूपों में, अधर्म का सामना करने वाली शक्ति के रूप में पूजा जाता है। कई परंपराओं में अष्टमी और नवमी के संधिकाल को महिषासुर की सेना के साथ माँ के भीषण युद्ध की घड़ी से जोड़ा जाता है। दुर्गा पूजा की परंपरा में इस दिन विशेष पूजा, संधि पूजा और भोग होता है। दूसरी जगहों पर भक्त हवन करते हैं, देवी माहात्म्य का पाठ करते हैं, और कुमारी पूजा या कन्या पूजा में छोटी बच्चियों को शक्ति का जीवंत रूप मानकर पूजते हैं। यह दिन याद दिलाता है कि दैवी शक्ति रक्षा भी करती है और करुणा भी रखती है। भक्तों के लिए यह डर, क्रोध, अन्याय और मन की दूसरी नकारात्मक प्रवृत्तियों पर जीत पाने का साहस माँगने का समय है।
महत्व
दुर्गा अष्टमी का महत्व भक्ति में, पारिवारिक परंपरा में और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।
कैसे मनाते हैं
कन्या पूजन होता है। विषम संख्या में, आम तौर पर नौ कन्याओं के पहले पैर धोए जाते हैं, फिर उन्हें पूरी, चना और हलवा खिलाया जाता है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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