
व्रतगुजराती · हिंदू
दूर्वा गणपति चतुर्थी
Durva Ganapati Chaturthi · दूर्वा गणेश चौथ
अगली तारीख़
गुरुवार, 5 अगस्त 2027
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल चतुर्थीअगले दिन 02:27 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी09:19 तक
- मास
- श्रावण
- सूर्योदय
- 06:10सूर्यास्त 19:20
संक्षेप में
दूर्वा गणपति चतुर्थी हिंदू पंचांग के अनुसार रखा जाने वाला व्रत है, और इसकी तिथि व रीति-रिवाज क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
कथा
दूर्वा गणपति चतुर्थी पर गणेश जी को पवित्र दूर्वा चढ़ाने की ख़ास महिमा है। हिंदू परंपरा में तीन पत्तियों वाली दूर्वा बार-बार गणेश जी से जुड़ी दिखती है। एक प्रचलित कथा है कि गणेश जी ने आग जैसे धधकते असुर अनलासुर को निगलकर वश में किया। इसके बाद उनके शरीर में तेज़ जलन उठी। देवताओं ने कई उपाय किए, पर कोई काम नहीं आया। आख़िर में ऋषियों ने ठंडक देने वाली दूर्वा चढ़ाई, और गणेश जी को शांति मिली। तभी से दूर्वा उनके सबसे प्रिय चढ़ावों में से एक बन गई। इस चतुर्थी पर भक्त साफ़ दूर्वा के गुच्छे तैयार करते हैं, अक्सर परंपरा के अनुसार गिनकर। फिर गणेश जी के नाम लेते हुए दीया, फूल और मिठाई के साथ उन्हें अर्पित करते हैं। छोटी पर मज़बूत दूर्वा टिके रहने और फिर से उगने का भी प्रतीक है। इसलिए इस व्रत में दूर्वा के इस ख़ास चढ़ावे के साथ चतुर्थी की मूल प्रार्थना भी जुड़ती है, कि गणेश जी बुद्धि दें, विघ्न दूर करें और मुश्किल समय में मन को स्थिर रखें।
महत्व
दूर्वा गणपति चतुर्थी भक्ति और पारिवारिक परंपरा से जुड़ा व्रत है, और इसमें आध्यात्मिक और मौसमी अर्थ भी है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।