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दशहरा

Dussehra

अगली तारीख़

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

34 दिन बाद
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संक्षेप में

दशहरा यानी विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का दिन है, जिसके साथ नवरात्रि का समापन होता है।

कथा

दशहरा या विजयादशमी पर नवरात्रि जीत के उल्लास के साथ पूरी होती है, और इस दिन से दो बड़ी कथाएँ जुड़ी हैं। रामायण की कथा के अनुसार रावण सीता जी का हरण कर ले गया था। भगवान राम ने लक्ष्मण जी, हनुमान जी और वानर सेना के साथ लंका में रावण को हराया और उसकी करतूतों से डगमगाई धर्म की मर्यादा फिर से स्थापित की। शाक्त परंपरा में विजयादशमी माँ दुर्गा की महिषासुर पर जीत से भी जुड़ी है। यह जीत उस महासंग्राम के बाद मिली, जिसकी महिमा नवरात्रि में गाई जाती है। दोनों कथाएँ एक ही बात कहती हैं कि अहंकार, हिंसा और अन्याय पर आख़िरकार धर्म की जीत होती है। उत्तर भारत के कई शहरों में रामलीला का अंत रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाकर होता है। दूसरी जगहों पर शस्त्रों, औज़ारों, पुस्तकों या वाद्यों की पूजा होती है। बंगाल में इस दिन माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर उन्हें विदा किया जाता है। इस तरह दशहरा एक ओर समापन का दिन है, तो दूसरी ओर धर्म की राह पर नया काम शुरू करने का न्योता भी।

Ramayana (Valmiki) के आधार पर

महत्व

दशहरा भक्ति और पारिवारिक परंपरा के साथ मनाया जाता है, और इस दिन का आध्यात्मिक तथा मौसम से जुड़ा अर्थ भी अहम माना जाता है।

Ramayana (Valmiki) के आधार पर

कैसे मनाते हैं

शाम को रावण का पुतला जलाया जाता है, और अक्सर उसके पास मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी खड़े होते हैं। दशहरा अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन नई गाड़ी ख़रीदी जाती है, दुकान खोली जाती है, बच्चे को पहली बार पाठशाला भेजा जाता है, और औज़ारों तथा बही-खातों की पूजा होती है। गुजरात में दशहरे की सुबह फाफड़ा और जलेबी खाई जाती है, पर यह रिवाज क्यों पड़ा, यह कोई नहीं बता पाता।

Gujarati household practice के आधार पर

अलग-अलग इलाक़ों में

पूरे उत्तर भारत में दस रातों की रामलीला के अंत में शाम ढले रावण के पुतले जलते हैं। मैसूर में यह राजकीय शोभायात्रा का दिन है। बंगाल में यह बिजोया दशमी है, जब माँ दुर्गा की प्रतिमा नदी ले जाकर विसर्जित की जाती है। गुजरात में अपनी नवरात्रि के मुक़ाबले दशहरा शांति से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में लोग आपटा के पत्ते सोना मानकर एक-दूसरे को देते हैं।

यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।

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