
जयंतीभारतीय · हिंदू
गायत्री जयंती
Gayatri Jayanti
अगली तारीख़
मंगलवार, 17 अगस्त 2027
- सूर्योदय के समय की तिथि
- पूर्णिमा12:58 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठाअगले दिन 02:31 तक
- मास
- श्रावण
- सूर्योदय
- 06:15सूर्यास्त 19:11
संक्षेप में
गायत्री जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार मनाई जाने वाली जयंती है, और इसकी तिथि व रीति-रिवाज क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकते हैं।
कथा
गायत्री जयंती माँ गायत्री और गायत्री मंत्र को समर्पित है। गायत्री मंत्र वेदों की सबसे पूजनीय प्रार्थनाओं में से एक है। माँ गायत्री को पवित्र ज्ञान देने वाली दिव्य माता माना जाता है। साथ ही वे उस मंत्र का साकार रूप भी हैं, जिसमें जीवन देने वाले सूर्य-तेज, सविता देव से प्रार्थना की गई है। मंत्र में यही विनती है कि वह दिव्य प्रकाश हमारी बुद्धि को रोशन करे और उसे सही राह दिखाए। इसीलिए यह दिन पढ़ाई, विचारों की स्पष्टता और नियम से की जाने वाली साधना से ख़ास तौर पर जुड़ा है। यह जयंती किस दिन और किस त्योहार के साथ मनाई जाए, इस पर अलग-अलग इलाक़ों की परंपराएँ अलग बात कहती हैं। पर हर जगह केंद्र में वेदों के ज्ञान के प्रति श्रद्धा और बुद्धि के जागने का भाव है। भक्त गायत्री मंत्र का जाप, हवन, प्रार्थना और स्वाध्याय करते हैं, अक्सर सूर्योदय के समय। यह दिन सोचने को कहता है कि ज्ञान का उपयोग ज़िम्मेदारी से हो, और हमारे काम आवेश या उलझन से नहीं, बल्कि विवेक से चलें।
महत्व
गायत्री जयंती का महत्व भक्ति, परिवार की परंपरा और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।
अलग-अलग इलाक़ों में
कुछ परंपराओं में गायत्री जयंती इसके बजाय ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है। पर ज़्यादातर जगह श्रावण पूर्णिमा की तिथि ही मानी जाती है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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