
दिवसभारतीय · हिंदू
घटस्थापना
Ghatasthapana · कलश स्थापना
अगली तारीख़
रविवार, 11 अक्टूबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल एकम21:31 तक
- नक्षत्र
- चित्रा22:32 तक
- मास
- आश्विन
- सूर्योदय
- 06:33सूर्यास्त 18:19
संक्षेप में
घटस्थापना हिंदू पंचांग के अनुसार की जाने वाली धार्मिक विधि है, और इसकी तिथि व रीति-रिवाज क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
कथा
घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की नौ रातों की विधिवत शुरुआत होती है। यह किसी अलग पौराणिक घटना की याद का दिन नहीं है। इस विधि से वह पवित्र स्थान तैयार होता है, जहाँ पूरी नवरात्रि देवी माँ की पूजा होगी। जल से भरा कलश स्थापित किया जाता है, और उसमें शुभ माने जाने वाले पत्ते, नारियल और दूसरी पवित्र सामग्री रखी जाती है। तैयार की गई मिट्टी में जौ या कोई और अनाज बोया जाता है, जो जीवन, उर्वरता और बढ़त का प्रतीक है। इस विधि में माँ दुर्गा का आवाहन होता है। घर का रोज़ का समय यहीं से बदलता है, और प्रार्थना, उपवास, पाठ और रोज़ की पूजा के नियम भरे दिन शुरू होते हैं। स्थापना नवरात्रि की पहली तिथि और दिन के शुभ मुहूर्त से जुड़ी है, इसलिए पंचांग में इसके समय पर ख़ास ध्यान दिया जाता है। नवरात्रि आगे बढ़ती है तो कलश के पास उगते जवारे नए जीवन का आँखों के सामने दिखता प्रतीक बन जाते हैं।
महत्व
घटस्थापना का महत्व भक्ति में, पारिवारिक परंपरा में और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।
कैसे मनाते हैं
कलश मेज़ पर नहीं, मिट्टी पर रखा जाता है। जौ को रोज़ पानी दिया जाता है और सीधी धूप से बचाया जाता है। दशहरे के दिन जवारे काटे जाते हैं।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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