
मेलाभारत · पूर्वोत्तर
हॉर्नबिल महोत्सव
Hornbill Festival
अगली तारीख़
मंगलवार, 1 दिसंबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- कृष्ण अष्टमी23:14 तक
- नक्षत्र
- मघा09:00 तक
- मास
- मार्गशीर्षअमांत पंचांग में कार्तिक
- सूर्योदय
- 07:02सूर्यास्त 17:54
संक्षेप में
हॉर्नबिल महोत्सव नागालैंड का आधुनिक सांस्कृतिक त्योहार है, जिसे राज्य के अनेक नगा समुदायों को एक मंच पर लाने और हर समुदाय को अपनी अलग विरासत सामने रखने का मौक़ा देने के लिए शुरू किया गया।
कथा
हॉर्नबिल महोत्सव नागालैंड का आधुनिक सांस्कृतिक त्योहार है। राज्य के अनेक नगा समुदाय एक मंच पर आएँ और फिर भी हर समुदाय अपनी अलग विरासत दिखा सके, इसी के लिए इसे शुरू किया गया। यह कोहिमा के पास किसामा के नगा हेरिटेज विलेज में होता है। इसका नाम हॉर्नबिल पक्षी पर रखा गया है, जो नगा लोककथाओं, गहनों और पारंपरिक चित्रों में जगह-जगह दिखाई देता है। महोत्सव में अलग-अलग जनजातियों के अनुष्ठानों वाले नृत्य, लोकगीत, देसी खेल, हस्तशिल्प, बुनाई, लकड़ी का काम, पारंपरिक भवन और खान-पान देखने को मिलते हैं। मोरुंग शैली के घर और जीवंत प्रस्तुतियाँ देखकर आने वाले लोग समझ पाते हैं कि सामुदायिक जीवन, पीढ़ियों से ज़ुबानी चले आ रहे इतिहास, योद्धाओं की परंपरा, खेती और कारीगरी ने नगा पहचान को कैसे गढ़ा है। हॉर्नबिल किसी एक मूल कथा वाला प्राचीन धार्मिक त्योहार नहीं है। इसे जान-बूझकर आज के समय का ऐसा मिलन-स्थल बनाया गया है, जहाँ पुरानी परंपराएँ एक साथ आती हैं। यहाँ अलग-अलग नगा समुदाय अपनी विरासत सहेजते हैं, उसे मंच पर उतारते हैं और उसे नए अर्थ देते हैं। साथ ही नई पीढ़ी और राज्य के बाहर से आने वाले लोग भी इस विरासत को जानने लगते हैं। इस महोत्सव का महत्व इसी में है।
Gujarati household practice के आधार पर
महत्व
हॉर्नबिल महोत्सव इसे मनाने वाले समुदाय के लिए ख़ास है, और इससे धर्म, परिवार और संस्कृति की परंपरा बनी रहती है।
कैसे मनाते हैं
हर जनजाति महोत्सव स्थल पर अपना मोरुंग, यानी पारंपरिक घर, रखती है और उसमें मेहमानों की आवभगत करती है। लकड़ी के ढोल, कुश्ती, मिर्च खाने की होड़, हस्तशिल्प और हर समुदाय की चावल की बियर, सब यहाँ मिलता है। नागालैंड का स्थापना दिवस 1 दिसंबर है, इसलिए महोत्सव इसी दिन शुरू होता है।
Gujarati household practice के आधार पर
अलग-अलग इलाक़ों में
महोत्सव हर साल 1 से 10 दिसंबर तक कोहिमा के बाहर किसामा में चलता है। इस कैलेंडर के उन गिने-चुने त्योहारों में यह एक है, जिनकी तारीख़ किसी गणना से नहीं, बल्कि फ़ैसला करके ग्रेगोरियन कैलेंडर में तय की गई है। नगा जनजातियों के अपने फ़सल के त्योहार, जैसे सेक्रेन्यी, मोआत्सु और तुलुनी, अपने-अपने मौसम में अलग से मनाए जाते हैं।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।