सभी त्योहार

मेलाभारतीय · हिंदू

माघ मेला

Magh Mela

अगली तारीख़

शुक्रवार, 22 जनवरी 2027

सूर्योदय के समय की तिथि
पूर्णिमा17:47 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु10:24 तक
मास
पौष
सूर्योदय
07:21सूर्यास्त 18:21
उस दिन का पंचांग खोलें

संक्षेप में

संगम की रेत पर हर साल महीने भर का डेरा लगता है, चाहे उस साल कुंभ हो या न हो।

कथा

प्रयागराज में हर साल माघ के महीने भर मेला लगता है, और बारह साल में आने वाला कुंभ इन्हीं में से सबसे बड़ा मेला भर है। पौष पूर्णिमा से गंगा और यमुना के बीच की रेत पर तंबुओं का पूरा शहर बस जाता है, और महाशिवरात्रि पर उखड़ जाता है। जो लोग पूरा महीना वहीं रहते हैं, वे कल्पवासी कहलाते हैं। वे दिन में एक बार भोजन करते हैं, ज़मीन पर सोते हैं, तीन बार स्नान करते हैं और मेला क्षेत्र छोड़कर कहीं नहीं जाते।

महत्व

कुंभ का नाम सबने सुना है, पर माघ मेला तो हर साल लगता है। कल्पवास महीने भर की कठोर साधना है, लेकिन मेले की भीड़ में यह अक्सर नज़र ही नहीं आती।

यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।

तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में

आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।