
एकादशीगुजराती · हिंदू
मोक्षदा एकादशी
Mokshada Ekadashi · Vaikuntha Ekadashi · Gita Jayanti
अगली तारीख़
रविवार, 20 दिसंबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल एकादशी20:14 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी14:55 तक
- मास
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- 07:14सूर्यास्त 17:59
संक्षेप में
मोक्षदा एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार रखा जाने वाला एकादशी व्रत है, जिसकी तिथि और रीति-रिवाज इलाक़े और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
कथा
मोक्षदा एकादशी की कथा राजा वैखानस की है। एक बार राजा ने सपने में देखा कि उनके दिवंगत पिता किसी कष्ट भरे लोक में पीड़ा भोग रहे हैं और मुक्ति के लिए गुहार लगा रहे हैं। राजा बहुत व्याकुल हो गए। उन्होंने विद्वान ब्राह्मणों से सलाह ली, और ब्राह्मणों ने उन्हें पर्वत मुनि के पास भेजा। पर्वत मुनि ने ध्यान लगाकर देखा और बताया कि राजा के पिता अपने किसी पुराने ग़लत कर्म का फल भोग रहे हैं। मुनि ने राजा और उनके परिवार को सलाह दी कि वे श्रद्धा से मोक्षदा एकादशी का व्रत करें और उसका पुण्य पिता को अर्पित करें। सबने वैसा ही किया। कथा के अनुसार इससे राजा के पिता मुक्त हुए और उन्हें उत्तम गति मिली। इसीलिए यह एकादशी मोक्ष, यानी मुक्ति से जुड़ गई। साथ ही यह भाव भी जुड़ा कि सच्चे मन से की गई साधना का पुण्य दूसरों के कल्याण के लिए अर्पित किया जा सकता है। यही तिथि गीता जयंती के रूप में भी मनाई जाती है, क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था।
Mahabharata (Vyasa) के आधार पर
महत्व
इसी दिन गीता का उपदेश दिया गया था, इसलिए यह दिन एकादशी के साथ गीता जयंती भी है। नाम के अनुसार यह एकादशी मोक्ष देने वाली है, पर यह मोक्ष व्रत रखने वाले के लिए नहीं, पितरों के लिए है। यह उपवास कुल के दिवंगत पूर्वजों की ओर से रखा जाता है।
उपवास
यह व्रत जीवित लोगों के लिए नहीं, दिवंगत परिजनों के लिए रखा जाता है। उपवास का पुण्य परिवार के पितरों को अर्पित किया जाता है, और मोक्षदा नाम का अर्थ भी यही है। इस दिन गीता का पाठ होता है, और कई घरों में गीता का पूरा दूसरा अध्याय पढ़ा जाता है।
Gujarati household practice के आधार पर
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।