
मेलाजैन · श्वेतांबर
पालीताणा कार्तिक पूर्णिमा यात्रा
Palitana Kartik Purnima Yatra · शत्रुंजय यात्रा
अगली तारीख़
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- पूर्णिमा20:23 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका23:25 तक
- मास
- कार्तिक
- सूर्योदय
- 06:57सूर्यास्त 17:54
संक्षेप में
कार्तिक पूर्णिमा को चौमासे के बाद शत्रुंजय फिर खुलता है और भोर से पहले सीढ़ियाँ भर जाती हैं।
कथा
चातुर्मास के चार महीनों में जैन साधु-साध्वी विहार नहीं करते, और इस दौरान यात्रियों के लिए शत्रुंजय भी बंद रहता है। कार्तिक पूर्णिमा को यात्रा फिर खुलती है। पालीताणा के पास शत्रुंजय पहाड़ी पर लगभग नौ सौ मंदिर हैं, और चोटी पर विराजमान आदीश्वर दादा तक पहुँचने के लिए लगभग 3,800 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। इस सुबह दसियों हज़ार यात्री पहाड़ी चढ़ते हैं, और उनमें से कई तो पालीताणा तक भी पैदल आए होते हैं। परंपरा के अनुसार प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ने यहीं देशना दी थी। इसीलिए शत्रुंजय जैन तीर्थों में से एक नहीं, बल्कि पहला तीर्थ माना जाता है।
महत्व
यह कोई वर्षगाँठ नहीं, बल्कि यात्रा के फिर खुलने का दिन है। यहाँ बस इतना मनाया जाता है कि रास्ता फिर चलने लायक़ हो गया, और ऐसा त्योहार अधिकतर त्योहारों से कहीं सादा और पुराना है।
कैसे मनाते हैं
सूरज चढ़ने से पहले यात्रा पूरी हो जाए, इसलिए चढ़ाई भोर होने से काफ़ी पहले शुरू हो जाती है। पहाड़ी पर कुछ खाया नहीं जाता, और पहाड़ी से कुछ भी नीचे नहीं ले जाया जाता।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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