
त्योहारभारतीय · हिंदू
विवाह पंचमी
Vivah Panchami
अगली तारीख़
सोमवार, 14 दिसंबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल पंचमी19:16 तक
- नक्षत्र
- श्रवण09:12 तक
- मास
- मार्गशीर्ष
- सूर्योदय
- 07:11सूर्यास्त 17:57
संक्षेप में
विवाह पंचमी हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाने वाला त्योहार है, और इसकी तिथि व रीति-रिवाज क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
कथा
विवाह पंचमी भगवान राम और माता सीता के विवाह की याद में मनाई जाती है। रामायण की कथा है कि मिथिला में भगवान शिव का एक महान धनुष रखा हुआ था। राजा जनक ने घोषणा की कि जो राजकुमार इस धनुष को उठा सकेगा, उसी से सीता का विवाह होगा। ऋषि विश्वामित्र और लक्ष्मण जी के साथ मिथिला आए भगवान राम ने धनुष उठाया और तोड़ दिया। इसी में वह विधि का विधान दिखा, जो दोनों परिवारों को एक करने वाला था। राजा दशरथ को न्योता भेजा गया, और राम-सीता के साथ उनके भाई-बहनों के विवाह भी हुए। इस तरह अयोध्या और मिथिला के राजकुल एक-दूसरे से जुड़ गए। मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को मंदिरों और भक्त समाज में, ख़ास तौर पर जनकपुर, मिथिला और भगवान राम को समर्पित स्थानों पर, शोभायात्रा, विवाह-गीतों और विवाह की रस्मों के साथ यह विवाह फिर से रचाया जाता है। यह त्योहार धर्म, आपसी सम्मान और पवित्र ज़िम्मेदारी पर टिके दांपत्य को मान देता है।
महत्व
विवाह पंचमी का महत्व भक्ति में, पारिवारिक परंपरा में और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।
अलग-अलग इलाक़ों में
मिथिला के कुछ परिवार इस तिथि पर बेटियों का विवाह तय नहीं करते, क्योंकि वे मानते हैं कि सीता जी का वैवाहिक जीवन कष्टों भरा रहा।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।