
दिवसभारतीय · हिंदू
यमुना छठ
Yamuna Chhath · यमुना जयंती
अगली तारीख़
सोमवार, 12 अप्रैल 2027
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल षष्ठी19:35 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा13:34 तक
- मास
- चैत्र
- सूर्योदय
- 06:21सूर्यास्त 19:00
संक्षेप में
यमुना छठ हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाने वाला त्योहार है, और इसकी तिथि व रीति-रिवाज क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
कथा
यमुना छठ, जिसे यमुना जयंती भी कहते हैं, पवित्र यमुना नदी का त्योहार है। मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र में इसका ख़ास महत्व है। हिंदू परंपरा में यमुना जी को देवी माना जाता है। वे सूर्यदेव की पुत्री और यमराज की बहन हैं। ब्रज में श्रीकृष्ण की बाल लीलाएँ और किशोर लीलाएँ यमुना जी के बिना अधूरी हैं। किनारे पर खेलते श्रीकृष्ण, यमुना जी की धारा पार करने की कथा और कालिय नाग के दमन का प्रसंग, इन सबके कारण यमुना जी केवल एक नदी नहीं रहीं। वे इस पवित्र भूमि की कथाओं की जीवंत साथी हैं। चैत्र शुक्ल षष्ठी को भक्त जहाँ संभव हो वहाँ स्नान करते हैं, फूल, दीये और अर्घ्य से यमुना जी की पूजा करते हैं, और नदी के घाटों व मंदिरों में इकट्ठा होते हैं। इस त्योहार में देवी के प्रति श्रद्धा और जीवन देने वाली नदी के प्रति कृतज्ञता एक हो जाती है। इसीलिए पानी की शुद्धता और समाज के जीवन के प्राकृतिक स्रोत का आदर भी इस भक्ति का हिस्सा बन जाता है।
महत्व
यमुना छठ का महत्व भक्ति, परिवार की परंपरा और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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