
मेलाभारतीय · हिंदू
अम्बुबाची मेला
Ambubachi Mela
अभी कोई नियम नहीं
इसका नियम अभी किसी ने नहीं लिखा है, इसलिए कैलेंडर इसे किसी तारीख़ पर नहीं दिखाता। मनगढ़ंत तारीख़ के साथ नाम दिखाने से अच्छा है कि सिर्फ़ नाम दिखे।
संक्षेप में
माँ कामाख्या रजस्वला होती हैं, इसलिए उनका मंदिर तीन दिन बंद रहता है।
कथा
गुवाहाटी के ऊपर नीलाचल पहाड़ी पर बना कामाख्या मंदिर एक शक्तिपीठ है, जिसमें कोई प्रतिमा नहीं है। यहाँ चट्टान की एक दरार पूजी जाती है, जिसे एक झरना गीला रखता है। सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश से तीन दिन तक मंदिर के द्वार बंद रहते हैं और मंदिर में भोजन नहीं पकता। कहा जाता है कि उन दिनों नीचे बहती ब्रह्मपुत्र का पानी लाल हो जाता है। चौथे दिन मंदिर फिर खुलता है, और शिला को ढकने वाला वस्त्र प्रसाद के रूप में बाँटा जाता है।
महत्व
हिंदू आचार में मासिक धर्म को छिपाने के बजाय मनाने की बात शायद ही कहीं मिलती है। यहाँ तो वही त्योहार है।
अलग-अलग इलाक़ों में
इस ऐप में इस मेले का नियम नहीं है। तारीख़ सूर्य के नक्षत्र-प्रवेश से तय होती है, पर ऐप का नक्षत्र वाला नियम चंद्रमा का नक्षत्र देखता है। इसलिए ग़लत तारीख़ के बजाय यहाँ कोई तारीख़ नहीं दी गई।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
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