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मेलागुजराती · हिंदू

बहुचराजी मेला

Bahucharaji Mela

अगली तारीख़

मंगलवार, 20 अप्रैल 2027

सूर्योदय के समय की तिथि
पूर्णिमाअगले दिन 03:57 तक
नक्षत्र
चित्राअगले दिन 04:28 तक
मास
चैत्र
सूर्योदय
06:14सूर्यास्त 19:03
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संक्षेप में

चैत्र पूर्णिमा को बेचराजी में मेला लगता है, और यह वह धाम है जहाँ देश में और कहीं जगह न पाने वाले लोगों को घर मिला है।

कथा

महेसाणा ज़िले के बेचराजी में बहुचर माता मुर्गे पर विराजती हैं। उनके बारे में जो कथा कही जाती है, वह एक चारण स्त्री की है। रास्ते में उन पर हमला हुआ तो पकड़े जाने के बजाय उन्होंने अपना स्तन काट डाला, और हमलावर को शाप दिया कि वह नपुंसक हो जाएगा। जब तक वह स्त्री की तरह रहकर उनकी उपासना नहीं करेगा, यह शाप नहीं टलेगा। इसी शाप के कारण यह मंदिर पूरे भारत के किन्नर समाज का प्रमुख मंदिर बना, और आज भी है। किन्नर यहाँ मेहमान बनकर नहीं आते, उनके लिए यह अपना घर है।

महत्व

हिंदू पंचांग के मेलों-त्योहारों में ऐसे गिने-चुने स्थान ही हैं, जहाँ हर जगह से धकेले गए समाज का अपना मंदिर हो, और वह भी किसी की सहनशीलता से नहीं, परंपरा से। चैत्र पूर्णिमा को यह बात साफ़ दिखाई देती है।

यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।

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