
दिवसभारतीय · हिंदू
गंगा सप्तमी
Ganga Saptami
अगली तारीख़
बुधवार, 12 मई 2027
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल सप्तमी23:13 तक
- नक्षत्र
- पुष्य14:55 तक
- मास
- वैशाख
- सूर्योदय
- 05:59सूर्यास्त 19:13
संक्षेप में
गंगा सप्तमी हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाने वाला त्योहार है, जिसकी तिथि और रीति-रिवाज इलाक़े और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
कथा
गंगा सप्तमी को जह्नु सप्तमी भी कहते हैं। इस दिन पवित्र गंगा के धरती पर उतरने की कथा का बाद का एक प्रसंग याद किया जाता है। गंगा दशहरा की ज़्यादा प्रसिद्ध कथा बताती है कि भगीरथ अपने पूर्वजों की राख को पावन करने के लिए स्वर्ग की गंगा को धरती पर लाए। पर जब गंगा जी धरती पर वेग से बहने लगीं, तो उनकी प्रचंड धारा से जह्नु ऋषि के आश्रम और यज्ञ में विघ्न पड़ा। क्रोध में आकर ऋषि पूरी गंगा को पी गए। भगीरथ और देवताओं ने ऋषि से विनती की कि गंगा जी को मुक्त करें, ताकि यह पवित्र कार्य आगे बढ़ सके। जह्नु ऋषि का क्रोध शांत हुआ, और उन्होंने गंगा जी को अपने शरीर से फिर प्रकट होने दिया। तभी से गंगा जी का एक नाम जाह्नवी पड़ा, यानी जह्नु की पुत्री। गंगा सप्तमी गंगा जी के इसी प्रतीकात्मक पुनर्जन्म का उत्सव है। भक्त गंगा स्नान करते हैं या गंगा जी की पूजा करते हैं, अर्घ्य देते हैं, और याद करते हैं कि जल ही पवित्र करता है, जल से ही जीवन टिका है और आगे चलता है।
महत्व
गंगा सप्तमी का महत्व भक्ति में, पारिवारिक परंपरा में और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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