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मेलाभारतीय · हिंदू

गंगासागर मेला

Gangasagar Mela

अगली तारीख़

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027

सूर्योदय के समय की तिथि
शुक्ल सप्तमी14:13 तक
नक्षत्र
रेवती23:50 तक
मास
पौष
सूर्योदय
07:21सूर्यास्त 18:16
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संक्षेप में

गंगा जहाँ समुद्र से मिलती है वहाँ यह मेला लगता है, और कहावत है कि बाक़ी सब तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार।

कथा

सागर द्वीप पर गंगा नदी का छोर है। यह द्वीप कोलकाता से सौ किलोमीटर दक्षिण में है, और वहाँ केवल नाव से ही पहुँचा जा सकता है। यहाँ कपिल मुनि का आश्रम है। पुराण की कथा है कि राजा सगर के साठ हज़ार पुत्र जलकर राख हो गए थे, और भगीरथ जब गंगा को धरती पर उतार लाए, तब उनकी मुक्ति हुई। वह कथा इसी जगह पूरी होती है। मकर संक्रांति पर उस जगह स्नान होता है, जहाँ नदी का मीठा पानी समुद्र के खारे पानी से मिलता है।

महत्व

पुरानी कहावत ‘सब तीरथ बार बार, गंगासागर एक बार’ वहाँ पहुँचने की कठिनाई के बारे में है। भारत का यह अकेला बड़ा तीर्थ है, जहाँ पानी पार किए बिना पहुँचा नहीं जा सकता।

यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।

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