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Holi · होलिका दहन · छोटी होली

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रविवार, 21 मार्च 2027

सूर्योदय के समय की तिथि
शुक्ल चतुर्दशी18:21 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी22:06 तक
मास
फाल्गुन
सूर्योदय
06:42सूर्यास्त 18:52
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संक्षेप में

होली वसंत का त्योहार है, जिसमें आनंद और रंग के साथ अहंकार पर भक्ति की विजय की याद जुड़ी है।

कथा

होली की सबसे प्रसिद्ध कथा विष्णुभक्त बालक प्रह्लाद और उसके पिता हिरण्यकशिपु की है। हिरण्यकशिपु का आदेश था कि सब उसी की पूजा करें। प्रह्लाद ने भगवान विष्णु की भक्ति छोड़ने से मना कर दिया, तो राजा ने उसे मारने के बार-बार प्रयास किए। आख़िर में हिरण्यकशिपु की बहन होलिका, जिसके बारे में माना जाता था कि आग उसे जला नहीं सकती, प्रह्लाद को गोद में लेकर धधकती आग में बैठ गई। पर वह सुरक्षा किसी का बुरा करने के लिए इस्तेमाल हुई, इसलिए काम नहीं आई। होलिका जल गई और प्रह्लाद अपनी आस्था के बल पर बच गया। पूर्णिमा की रात होने वाला होलिका दहन अहंकार और क्रूरता पर भक्ति की इसी जीत की याद है। अगले दिन खेले जाने वाले रंगों में श्रीकृष्ण की परंपरा भी घुली-मिली है, ख़ासकर श्रीकृष्ण और राधा जी की कथाएँ और ब्रज के वसंत के चंचल उत्सव। इस तरह होली में बुराई पर अच्छाई की जीत की कथा के साथ वसंत का आनंद, मेल-मिलाप, संगीत, रंग और सबका साथ एक हो जाता है।

Bhagavata Purana के आधार पर

महत्व

होली का महत्व भक्ति, परिवार की परंपरा और इस दिन से जुड़े आध्यात्मिक या मौसमी अर्थ में है।

कैसे मनाते हैं

पहले के कुछ दिनों में चौराहे पर लकड़ी और उपलों का ढेर लगाया जाता है, और पूर्णिमा को सूर्यास्त के बाद होली जलाई जाती है। लोग उसकी परिक्रमा करते हैं और उसमें नारियल, खजूर और नया अनाज अर्पित करते हैं। लपटें किस ओर झुकती हैं, यह देखकर आने वाले मौसम का अनुमान लगाया जाता है। अगली सुबह धुलेटी होती है, और उस दिन का मिज़ाज ही अलग होता है।

Gujarati household practice के आधार पर

अलग-अलग इलाक़ों में

होलिका दहन रात को होता है। रंग अगले दिन खेला जाता है, जो गुजरात में धुलेटी नाम का अलग त्योहार है। ब्रज में होली पखवाड़े भर चलती है, जिसमें बरसाने की लट्ठमार होली भी है। पंजाब में अगले दिन शस्त्र-कला के प्रदर्शन वाला होला मोहल्ला होता है। दक्षिण में यह छोटे पैमाने पर मनाया जाता है। बंगाल में यह दोल जात्रा है, जिसमें देव-प्रतिमाओं को झूले में बिठाकर घुमाया जाता है।

यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।

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