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मेलाभारतीय · हिंदू

कुंभ मेला

Kumbh Mela

अभी कोई नियम नहीं

इसका नियम अभी किसी ने नहीं लिखा है, इसलिए कैलेंडर इसे किसी तारीख़ पर नहीं दिखाता। मनगढ़ंत तारीख़ के साथ नाम दिखाने से अच्छा है कि सिर्फ़ नाम दिखे।

संक्षेप में

कुंभ मेला धरती का सबसे बड़ा जमावड़ा है, जो बृहस्पति के चक्र से बारी-बारी चार नदियों पर लगता है।

कथा

समुद्र मंथन के समय जब अमृत कुंभ ले जाया गया, तो प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में अमृत की चार बूँदें गिरीं। इन चारों जगहों पर कुंभ लगता है, और हर जगह की बारी लगभग बारह साल में आती है। ठीक कौन-सा साल होगा, यह इससे तय होता है कि बृहस्पति किस राशि में हैं और सूर्य किस राशि में। स्नान के मुख्य दिन शाही स्नान कहलाते हैं। उस दिन पहले अखाड़ों के साधु जल में उतरते हैं, और उनके बाद बाकी सब स्नान करते हैं।

महत्व

किसी भी परंपरा में कोई और त्योहार इतने लोगों को एक साथ नहीं खींच लाता। यहाँ महिमा किसी कथा की नहीं, एक जगह और एक घड़ी की है।

अलग-अलग इलाक़ों में

यह ऐप अभी कुंभ का साल नहीं निकाल पाता। इस नियम के लिए बृहस्पति और सूर्य का चक्र चाहिए, और ऐप के तारीख़ वाले नियमों में इसकी जगह नहीं है। इसलिए ग़लत तारीख़ दिखाने के बजाय यहाँ कोई तारीख़ नहीं रखी गई है।

यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।

तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में

आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।