
त्योहारदक्षिण-पूर्व एशिया
न्येपी
Nyepi
अभी कोई नियम नहीं
इसका नियम अभी किसी ने नहीं लिखा है, इसलिए कैलेंडर इसे किसी तारीख़ पर नहीं दिखाता। मनगढ़ंत तारीख़ के साथ नाम दिखाने से अच्छा है कि सिर्फ़ नाम दिखे।
संक्षेप में
न्येपी के दिन बाली थम जाता है, न आग जलती है, न काम होता है, न कोई घर से निकलता है।
कथा
न्येपी बाली का मौन दिवस है, और वहाँ के शक पंचांग का नया साल भी। 24 घंटे तक पूरा द्वीप थम जाता है। न आग जलाई जाती है, न काम होता है, न कोई यात्रा करता है और न मनोरंजन होता है। हवाई अड्डा भी बंद रहता है। धार्मिक दिन पर इस तरह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद करने वाली यह दुनिया की अकेली जगह है। इसके पीछे कारण यह बताया जाता है कि द्वीप ऐसा दिखना चाहिए मानो वहाँ कोई रहता ही न हो। न्येपी की तारीख़ बाली के शक पंचांग से तय होती है, जिसकी गणना यह ऐप नहीं करता।
Gujarati household practice के आधार पर
महत्व
न्येपी के दिन बाली थम जाता है। 24 घंटे तक न रोशनी होती है, न आग जलती है, न काम होता है, न कोई कहीं जाता है और न मनोरंजन होता है। हवाई अड्डा बंद रहता है और सड़कें ख़ाली रहें, इसके लिए पहरा दिया जाता है। इस मौन के पीछे भाव यह है कि वहाँ से गुज़रने वाली कोई भी बुरी शक्ति समझे कि द्वीप उजाड़ है। उससे पहले की रात ओगोह-ओगोह पुतलों और शोर-शराबे से उन बुरी शक्तियों को भगाया जाता है।
कैसे मनाते हैं
न्येपी से पहले की रात इसके ठीक उलट होती है। काग़ज़ की लुगदी से बने राक्षसों के विशाल पुतले, जिन्हें ओगोह-ओगोह कहते हैं, ढोल-नगाड़ों के साथ सड़कों पर घुमाए जाते हैं और फिर जला दिए जाते हैं। फिर सुबह 6 बजे से मौन शुरू होता है। चार नियम माने जाते हैं: न आग, न काम, न यात्रा और न मौज-मस्ती। अगला दिन एक-दूसरे से क्षमा माँगने का होता है।
Gujarati household practice के आधार पर
अलग-अलग इलाक़ों में
न्येपी सिर्फ़ बाली में मनाया जाता है, और वहाँ रहने वाले या घूमने आए हर धर्म के लोग इसके नियम मानते हैं। धार्मिक दिन पर पूरा हवाई अड्डा बंद होने वाली यह दुनिया की अकेली जगह है। न्येपी से बाली का शक वर्ष शुरू होता है। यह पंचांग भारतीय शक संवत से निकला है, और उससे पीछे चलता है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
तिथि कैलेंडर आपके फ़ोन में
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