
मेलाभारतीय · हिंदू
पुष्कर मेला
Pushkar Mela
अगली तारीख़
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- पूर्णिमा20:23 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका23:25 तक
- मास
- कार्तिक
- सूर्योदय
- 06:57सूर्यास्त 17:54
संक्षेप में
पचास हज़ार ऊँटों वाला रेतीले पुष्कर का मेला कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर पूरा होता है।
कथा
पुष्कर में भारत का इकलौता बड़ा ब्रह्मा मंदिर है। परंपरा कहती है कि यहाँ का सरोवर वहाँ बना, जहाँ ब्रह्मा जी के हाथ से कमल गिरा था। इस मेले के दो रूप हैं। पूर्णिमा से पहले लगभग एक सप्ताह पशुओं का बाज़ार लगता है, जिसमें ज़्यादातर ऊँट और घोड़े होते हैं। फिर पूर्णिमा के दिन स्नान का महत्व है। व्यापारी विदा लेते हैं और तीर्थयात्री आ पहुँचते हैं।
महत्व
तस्वीरों में जो दिखता है वह बाज़ार वाला हिस्सा है, पर मेले की तिथि स्नान वाले हिस्से से तय होती है। दोनों परंपराएँ पुरानी हैं, और दोनों साथ हों तभी इस मेले का अर्थ पूरा होता है।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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