
मेलागुजराती · हिंदू
वौठा मेला
Vautha Mela
अगली तारीख़
मंगलवार, 24 नवंबर 2026
- सूर्योदय के समय की तिथि
- पूर्णिमा20:23 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका23:25 तक
- मास
- कार्तिक
- सूर्योदय
- 06:57सूर्यास्त 17:54
संक्षेप में
गुजरात का गधों का मेला साबरमती और वात्रक नदियों के संगम पर लगता है।
कथा
वौठा संगम पर बसा है। लोग यहाँ सात नदियों का संगम मानते हैं, जबकि नक़्शे में साबरमती और वात्रक दिखती हैं। जितने पुराने लेखे-जोखे मिलते हैं, तब से यहाँ कार्तिक पूर्णिमा पर मेला लगता आया है। गधों का इतना बड़ा बाज़ार गुजरात में और कहीं नहीं है, और भारत में भी अब ऐसे गिने-चुने बाज़ार ही बचे हैं। बिक्री के लिए जानवरों को चटख रंगों से रंगा जाता है, और उनके पास ही ऊँटों की भी ख़रीद-फ़रोख़्त होती है। मेला किसी बाज़ार वाले दिन नहीं, बल्कि कार्तिक पूर्णिमा को ही लगता है, और इसकी वजह किनारे पर बना सिद्धनाथ मंदिर है।
महत्व
व्यापार का यह मेला स्नान का दिन भी है, और व्यापार उस जानवर का होता है, जिसका मेला और कोई नहीं लगाता।
कैसे मनाते हैं
पूर्णिमा को पौ फटते ही, बाज़ार खुलने से पहले, लोग संगम में स्नान करते हैं।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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