जयंतीसिख
गुरु गोबिंद सिंह जयंती
Guru Gobind Singh Jayanti
अगली तारीख़
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
- सूर्योदय के समय की तिथि
- शुक्ल सप्तमी14:13 तक
- नक्षत्र
- रेवती23:50 तक
- मास
- पौष
- सूर्योदय
- 07:21सूर्यास्त 18:16
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संक्षेप में
गुरु गोबिंद सिंह जयंती सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म का गुरपुरब है, जो पटना में गोबिंद राय के नाम से जन्मे और पिता गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद छोटी उम्र में ही गुरु बने।
कथा
यह गुरपुरब सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म का है। उनका जन्म पटना में हुआ और नाम गोबिंद राय रखा गया। पिता गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद वे छोटी उम्र में ही गुरु बने। उनके जीवन में आध्यात्मिक मार्गदर्शन, विद्वत्ता और साहित्य, और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ संघर्ष, तीनों साथ चले। सबसे बड़ा मोड़ 1699 की वैसाखी पर आनंदपुर साहिब में आया। वहाँ उन्होंने ख़ालसा की स्थापना की और पंज प्यारों को दीक्षा दी। इस तरह साहस, बराबरी, सेवा और भक्ति पर टिकी अनुशासित पहचान बनी। बाद में उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का स्थायी गुरु ठहराया, और देहधारी गुरुओं की परंपरा उनके साथ पूरी हुई। गुरपुरब पर अखंड पाठ, कीर्तन, नगर कीर्तन, लंगर और सेवा होती है। यह दिन ऐसी अनुशासित आज़ादी की याद दिलाता है, जिसमें आस्था के साथ इंसान की गरिमा और न्याय की रक्षा के लिए खड़े होने की तैयारी भी हो।
Gujarati household practice के आधार पर
महत्व
गुरु गोबिंद सिंह जयंती इसे मनाने वाले समाज के लिए अहम दिन है, और इससे धर्म, परिवार और संस्कृति की परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है।
कैसे मनाते हैं
अखंड पाठ, नगर कीर्तन और लंगर होते हैं, और युवा गतका यानी तलवारबाज़ी की कला दिखाते हैं। ज़्यादातर गुरुद्वारे यह दिन नानकशाही कैलेंडर के अनुसार मनाते हैं। इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर के किसी साल में यह दो बार आता है, तो किसी साल एक बार भी नहीं आता।
Gujarati household practice के आधार पर
अलग-अलग इलाक़ों में
सबसे बड़ा आयोजन उनकी जन्मभूमि तख़्त श्री पटना साहिब में होता है, और जीवन के बाद के पड़ावों से जुड़े आनंदपुर साहिब और नांदेड़ में भी। तिथि नानकशाही कैलेंडर से तय होती है। उसमें कुछ गुरपुरब सौर तारीख़ों से बँधे हैं, पर यह गुरपुरब चंद्र तिथि पर ही रहता है। इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर के एक साल में यह दो बार भी आ सकता है, या एक बार भी नहीं।
यह जानकारी अभी किसी जानकार ने जाँची नहीं है।
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