
चोपड़ा पूजन
दीवाली के मौक़े पर गुजराती व्यापारी परिवार परंपरा के अनुसार हिसाब की बहियों की पूजा करके नए बही-खाते शुरू करते हैं।
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अहमदाबाद में यह दिन
अमांत पंचांग में आश्विन
विक्रम 2083 कालयुक्त · शरद

दीवाली के मौक़े पर गुजराती व्यापारी परिवार परंपरा के अनुसार हिसाब की बहियों की पूजा करके नए बही-खाते शुरू करते हैं।

त्योहार
रोशनी का त्योहार दिवाली अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है, और इस रात बहुत-से घरों में लक्ष्मी पूजा होती है।

आपके अपने शहर का पंचांग, चौघड़िया, त्योहार और रिमाइंडर। ऐप इंटरनेट के बिना भी चलता है।
दिवस
शारदा पूजन हिंदू पंचांग के अनुसार मनाया जाने वाला त्योहार है, और इसकी तिथि व रीति-रिवाज क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
त्योहार
जैनों के लिए दिवाली भगवान महावीर के निर्वाण को याद करने का गहरा आध्यात्मिक दिन है, क्योंकि जैन परंपरा के अनुसार इस काल के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर ने अपना उपदेश-जीवन पूरा करके पावापुरी में निर्वाण, यानी अंतिम मोक्ष, प्राप्त किया था।
त्योहार
बंदी छोड़ दिवस पर सिख गुरु हरगोबिंद साहिब के क़ैद से छूटकर अमृतसर लौटने को याद करते हैं, और सिख परंपरा बताती है कि जब मुग़ल बादशाह गुरु जी को छोड़ने को राज़ी हुए, तो क़ैद में उनकी संगत को ही अपना सहारा मानने वाले दूसरे राजाओं को पीछे छोड़कर गुरु जी अकेले बाहर आने को तैयार नहीं हुए।
राहुकाल10:57 से 12:23
परंपरा से इसमें नया काम शुरू करने से बचते हैं
यमगंड15:14 से 16:39
गुलिक काल08:07 से 09:32
अभिजित मुहूर्त12:00 से 12:46
अकेला मुहूर्त जो ज़्यादातर दिनों में होता है
दिशाशूलपश्चिम
इस दिन परंपरा से इस दिशा में यात्रा नहीं करते
अमावस्यापिछले दिन 20:48 से 19:06
शुक्ल एकम19:06 से अगले दिन 17:52
चित्रापिछले दिन 11:35 से 10:27
स्वाति10:27 से अगले दिन 09:43
प्रीति03:00 से अगले दिन 00:33
आयुष्मान्अगले दिन 00:33 से 22:29
चतुष्पदपिछले दिन 20:48 से 07:54
नाग07:54 से 19:06
किंस्तुघ्न19:06 से अगले दिन 06:25
बवअगले दिन 06:25 से 17:52
तुला

तुला
नाम के अक्षर
सूर्य
11 घंटे 23 मिनट का दिन
चंद्रमा
0% रोशन, घटता हुआ
पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है, और यहाँ सभी समय अहमदाबाद के हैं। किसी भी खाने पर टैप करें, उसका समय दिख जाएगा।
सूर्योदय पर तुला लग्न, 06:41
लाहिरी अयनांश, पूरी राशि के भाव, और राहु-केतु की मध्यम स्थिति। दूसरी पद्धति से बना पंचांग अलग नतीजा दिखाएगा।