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साल की हर एकादशी, अहमदाबाद में जिस दिन रखी जाती है वह दिन, और तिथि कब से कब तक है।
| किस दिन | एकादशी | महीना | तिथि कब से कब तक |
|---|---|---|---|
| मंगल 13 जन | पौष पुत्रदा एकादशी | पौष शुक्ल | पिछले दिन 11:43 से 12:55 |
| मंगल 27 जन | षट्तिला एकादशी | माघ कृष्ण | पिछले दिन 13:00 से 12:06 |
| बुध 11 फ़र | जया एकादशी | माघ शुक्ल | 06:43 से अगले दिन 06:30 |
| बुध 25 फ़र | विजया एकादशी | फाल्गुन कृष्ण | 00:05 से अगले दिन 00:15 |
| शुक्र 12 मार्च | आमलकी एकादशी | फाल्गुन शुक्ल | पिछले दिन 22:07 से 20:35 |
| शुक्र 26 मार्च | पापमोचनी एकादशी | चैत्र कृष्ण | पिछले दिन 12:56 से 14:08 |
| रवि 11 अप्रैल | कामदा एकादशी | चैत्र शुक्ल | पिछले दिन 09:39 से 07:14 |
| शनि 24 अप्रैल | वरूथिनी एकादशी | वैशाख कृष्ण | 03:35 से अगले दिन 05:41 |
| सोम 10 मई | मोहिनी एकादशी | वैशाख शुक्ल | पिछले दिन 18:00 से 15:11 |
| सोम 24 मई | अपरा एकादशी | ज्येष्ठ कृष्ण | पिछले दिन 19:48 से 22:21 |
| मंगल 8 जून | निर्जला एकादशी | ज्येष्ठ शुक्ल | 00:10 से 21:24 |
| बुध 23 जून | योगिनी एकादशी | आषाढ कृष्ण | पिछले दिन 12:52 से 15:16 |
| बुध 7 जुल | देवशयनी एकादशी | आषाढ शुक्ल | 05:20 से अगले दिन 02:59 |
| गुरु 22 जुल | कामिका एकादशी | श्रावण कृष्ण | 05:49 से अगले दिन 07:25 |
| शुक्र 6 अग | श्रावण पुत्रदा एकादशी | श्रावण शुक्ल | पिछले दिन 10:45 से 09:05 |
| शनि 21 अग | अजा एकादशी | भाद्रपद कृष्ण | पिछले दिन 21:47 से 22:09 |
| शनि 4 सित | परिवर्तिनी एकादशी | भाद्रपद शुक्ल | पिछले दिन 17:42 से 17:00 |
| सोम 20 सित | इंदिरा एकादशी | आश्विन कृष्ण | पिछले दिन 12:15 से 11:23 |
| रवि 3 अक्टू | पापांकुशा एकादशी | आश्विन शुक्ल | 03:29 से अगले दिन 03:57 |
| मंगल 19 अक्टू | रमा एकादशी | कार्तिक कृष्ण | 01:12 से 23:21 |
| मंगल 2 नव | प्रबोधिनी एकादशी | कार्तिक शुक्ल | पिछले दिन 17:07 से 18:49 |
| गुरु 18 नव | उत्पन्ना एकादशी | मार्गशीर्ष कृष्ण | पिछले दिन 12:46 से 10:19 |
| गुरु 2 दिस | मोक्षदा एकादशी | मार्गशीर्ष शुक्ल | पिछले दिन 10:52 से 13:27 |
| शुक्र 17 दिस | सफला एकादशी | पौष कृष्ण | पिछले दिन 23:03 से 20:23 |
एकादशी चंद्र महीने के हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, जिसे विष्णु के लिए व्रत के रूप में रखा जाता है। ज़्यादातर महीनों में दो एकादशी होती हैं, और हर एक का अपना नाम और अपनी कथा है। किसी भी एकादशी को खोलें, उसका पेज दिखेगा।