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साल की हर एकादशी, अहमदाबाद में जिस दिन रखी जाती है वह दिन, और तिथि कब से कब तक है।
| किस दिन | एकादशी | महीना | तिथि कब से कब तक |
|---|---|---|---|
| गुरु 12 जन | पौष पुत्रदा एकादशी | पौष शुक्ल | पिछले दिन 15:31 से 18:16 |
| शुक्र 27 जन | षट्तिला एकादशी | माघ कृष्ण | पिछले दिन 17:14 से 14:41 |
| शनि 11 फ़र | जया एकादशी | माघ शुक्ल | पिछले दिन 12:57 से 15:05 |
| शनि 25 फ़र | विजया एकादशी | फाल्गुन कृष्ण | 01:24 से 23:22 |
| सोम 13 मार्च | आमलकी एकादशी | फाल्गुन शुक्ल | पिछले दिन 08:49 से 09:47 |
| सोम 27 मार्च | पापमोचनी एकादशी | चैत्र कृष्ण | पिछले दिन 09:27 से 08:17 |
| मंगल 11 अप्रैल | कामदा एकादशी | चैत्र शुक्ल | 01:41 से अगले दिन 01:24 |
| मंगल 25 अप्रैल | वरूथिनी एकादशी | वैशाख कृष्ण | पिछले दिन 18:25 से 18:24 |
| गुरु 11 मई | मोहिनी एकादशी | वैशाख शुक्ल | पिछले दिन 15:10 से 13:47 |
| बुध 24 मई | अपरा एकादशी | ज्येष्ठ कृष्ण | 05:14 से अगले दिन 06:25 |
| शुक्र 9 जून | निर्जला एकादशी | ज्येष्ठ शुक्ल | 01:29 से 23:16 |
| शुक्र 23 जून | योगिनी एकादशी | आषाढ कृष्ण | पिछले दिन 18:22 से 20:29 |
| रवि 9 जुल | देवशयनी एकादशी | आषाढ शुक्ल | पिछले दिन 09:14 से 06:29 |
| रवि 23 जुल | कामिका एकादशी | श्रावण कृष्ण | पिछले दिन 09:40 से 12:12 |
| सोम 7 अग | श्रावण पुत्रदा एकादशी | श्रावण शुक्ल | पिछले दिन 15:15 से 12:21 |
| सोम 21 अग | अजा एकादशी | भाद्रपद कृष्ण | 02:34 से अगले दिन 04:52 |
| मंगल 5 सित | परिवर्तिनी एकादशी | भाद्रपद शुक्ल | पिछले दिन 20:40 से 18:06 |
| बुध 20 सित | इंदिरा एकादशी | आश्विन कृष्ण | पिछले दिन 20:18 से 21:53 |
| बुध 4 अक्टू | पापांकुशा एकादशी | आश्विन शुक्ल | 02:53 से अगले दिन 01:07 |
| शुक्र 20 अक्टू | रमा एकादशी | कार्तिक कृष्ण | पिछले दिन 14:05 से 14:39 |
| शुक्र 3 नव | प्रबोधिनी एकादशी | कार्तिक शुक्ल | पिछले दिन 11:22 से 10:46 |
| शनि 18 नव | उत्पन्ना एकादशी | मार्गशीर्ष कृष्ण | 07:06 से अगले दिन 06:30 |
| शनि 2 दिस | मोक्षदा एकादशी | मार्गशीर्ष शुक्ल | पिछले दिन 23:13 से 23:57 |
| सोम 18 दिस | सफला एकादशी | पौष कृष्ण | पिछले दिन 22:22 से 20:41 |
एकादशी चंद्र महीने के हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, जिसे विष्णु के लिए व्रत के रूप में रखा जाता है। ज़्यादातर महीनों में दो एकादशी होती हैं, और हर एक का अपना नाम और अपनी कथा है। किसी भी एकादशी को खोलें, उसका पेज दिखेगा।